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मैं और तू

(When you have love in your heart , you will have peace in your mind ~ thelostmonk )

 

मैं बादल का घेरा हूँ

और तू रिमझिम सी वर्षा है

मैं बिखरा सा ऐक तिनका हूँ

और तू फूलो की छाया है

मैं मिट्टी की मूरत हूँ

तू ख़ुशियों की काया है ।

मैं दीपक का बाती हूँ

तू रौशनी की ज्वाला है ।

(Dedicated to one who once fall in love …..!!) 🌸💫💫

मैं कविता का “मोहन” हूँ

तू जोगन सी “मीरा” है

मैं “ललित” कला का इक राग हूँ

तू सम्पूर्ण संगीत की लीला है ।

मैं पतझड़ की सूखी टहनी हूँ

तू जीवन बसंत की “सतरंगी” है

मैं पनघट का बहता पानी हूँ

और तू झरनो की काया है ।

मैं क़ागज , कलम, किताब हूँ

और तू स्याही का दरिया है ..!

मैं रेत , पानी , मिट्टी हूँ

और तू जीवन का साया हैं ।

मैं बादल का घेरा हूँ

और तू रिमझिम सी वर्षा है ….!!

By ~ thelostmonk

By The Lost Monk

Writer || Poet || Explorer || Photographer || Engineer || Corporate Investigator || Motivator

4 replies on “मैं और तू”

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